॥ ॐ नमः शिवाय ॥ • کٲشُر / कश्मीरी (Kashmiri)

श्री शिव चालीसा कश्मीरी मंज़ | Shiv Chalisa in Kashmiri Lyrics, Meaning, Download PDF

भगवान भोलेनाथ महादेव सन्द कृपा, मुसीबत निवारण त दिली सुकून खातर संपूर्ण श्री शिव चालीसा कश्मीरी मंज़ (Shiv Chalisa in Kashmiri) परिव। Get Shiv Chalisa in Kashmiri Lyrics, Meaning, and Download free PDF.

श्री शिव चालीसा ऑडियो | Shiv Chalisa Audio in Kashmiri

अनुराधा पौडवाल • संपूर्ण चालीसापाठ बूज़न खातर प्ले दबाउ
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श्री शिव चालीसा लिरिक्स | Shiv Chalisa Lyrics in Kashmiri

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॥ दोहा ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

॥ चौपाई (१ - ४०) ॥

जय गिरिजापति दीन दयाला। सदा करत संतन प्रतिपाला॥

(१)

भाल चंद्रमा सोहत नीके। कानन कुंडल नागफनी के॥

(२)

अंग गौर शिर गंग बहाये। मुंडमाल तन छार लगाये॥

(३)

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मुनि मोहे॥

(४)

मैना मातु की हवै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥

(५)

कर त्रिशूल सोहत शुचि भाल। करत सदा शत्रुन क्षयकाल॥

(६)

नंदी गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥

(७)

कार्तिक श्याम गण गणनाथा। भयंकर प्रदोष रहत प्रभु साथा॥

(८)

देवन जबहीं जाय पुकारा। तबहीं दुःख प्रभु आप निवारा॥

(९)

किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥

(१०)

तुरत षडानन आप पठायौ। लवनिमेष महँ मार गिरायौ॥

(११)

आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥

(१२)

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचायौ। सबहीं सुरन तब यश गायौ॥

(१३)

भागीरथ हिमवान उपाया। शिव पद पंकज शीश नवाया॥

(१४)

दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥

(१५)

वेद माहि महिमा तुम गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥

(१६)

प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला। जरत सुरासुर भये विहाला॥

(१७)

कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकंठ तब नाम कहाई॥

(१८)

पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥

(१९)

सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तब त्रिपुरारी॥

(२०)

एक कमल प्रभु राखेउ गोई। कमल नयन पूजन चहँ सोई॥

(२१)

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिये इच्छित वर॥

(२२)

जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सबके घट वासी॥

(२३)

दुष्ट सकल नित मोहि सतावैं। भ्रमत रहौं मैं चैन न पावैं॥

(२४)

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥

(२५)

ले त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥

(२६)

मात पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥

(२७)

स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु मम संकट भारी॥

(२८)

धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे सो फल पाहीं॥

(२९)

स्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥

(३०)

शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारन विघ्न विनाशन॥

(३१)

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥

(३२)

नमो नमो जय नमः शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥

(३३)

जो यह पाठ करे मन लाई। तापर होत शंभु सहाई॥

(३४)

ऋणिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो होय सुखारी॥

(३५)

पुत्र हीन जो कोई नर होई। सब विधि शंभु कृपा करे सोई॥

(३६)

पंडित त्रयोदशी को लावै। ध्यान पूर्वक होम करावै॥

(३७)

त्रयोदशी व्रत करै हमेशा। तन नहिं ताके रहै कलेशा॥

(३८)

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावै। शंकर संमुख पाठ सुनावै॥

(३९)

जन्म जन्म के पाप नसावै। अंतवास शिवपुर में पावै॥

(४०)
॥ समापन दोहा ॥

नित्त नेम करि प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा। तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥

श्री शिव चालीसा कश्मीरी PDF डाउनलोड | Shiv Chalisa PDF Download in Kashmiri

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श्री शिव चालीसा हुंद सरल कश्मीरी भावार्थ | Shiv Chalisa Meaning in Kashmiri

प्रत्येक चौपाई त दोहा हुंद पवित्र त सरल कश्मीरी तर्जुम (Shiv Chalisa Meaning in Kashmiri)

#पवित्र चौपाई / दोहासरल कश्मीरी भावार्थ
Doha
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

माता पार्वती हन्दिस सुपुत्र त तमाम नेकियन हन्दिस मूल श्री गणेशस जय! भक्त अयोध्यादास छु अर्ज़ करान कि हे प्रभू, मे दियिव बे-खौफ़ी हुंद वरदान।

1
जय गिरिजापति दीन दयाला। सदा करत संतन प्रतिपाला॥

माता पार्वती हंद स्वामी त मिस्कीनन प्यठ दया करन वोल हे महादेव, तोहय छुव हमेशा संतन त भक्तन रच्छ करान।

2
भाल चंद्रमा सोहत नीके। कानन कुंडल नागफनी के॥

डेकस प्यठ छु सोन चंद्रमा चमकन त कनन मंज़ नागफनी हुंद कुंडल सजान।

3
अंग गौर शिर गंग बहाये। मुंडमाल तन छार लगाये॥

सफेद नूरानी जिस्म, कलस प्यठ पावन गंगा, गर्दनिस मंज़ मुंडमाल त बदनस प्यठ भस्म।

4
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि नाग मुनि मोहे॥

सहच चमड़ि हुंद लिबास छु सजान। यिह रूप वुछित नाग त मुनि भी मोहित गछान।

5
मैना मातु की हवै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥

माता मैना हिंज़ लाडली पार्वती जी तोहिन्दे खवरे तरफ खूबसूरत अंदाज़स मंज़ बिराजमान।

6
कर त्रिशूल सोहत शुचि भाल। करत सदा शत्रुन क्षयकाल॥

अथस मंज़ पवित्र त्रिशूल छु सजान, यम सूत्य तोहय हमेशा दुष्ट दुश्मनन नाश करान छुव।

7
नंदी गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥

नंदी त गणेश जी तोहिन्दे ब्रोन्हकनि युथ सजान छि ज़ि समुंदरस मंज़ कमल गुल खिले।

8
कार्तिक श्याम गण गणनाथा। भयंकर प्रदोष रहत प्रभु साथा॥

कार्तिकेय त शिवगन हमेशा तोहिन्दे संग रोजन छि; प्रदोष वक्तस मंज़ शिव पूजा महा फलदायी।

9
देवन जबहीं जाय पुकारा। तबहीं दुःख प्रभु आप निवारा॥

देवतन येलि ति संकटस मंज़ पुकार कोरु, तेलि ही तोहय तिहुंद तमाम दुख दूर कोरव।

10
किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥

तारकासुरन येलि भारी ज़ुल्म कोरु, तेलि सारिवय देवतन तोहिन्द शरण मंज़ दुआ कोर।

11
तुरत षडानन आप पठायौ। लवनिमेष महँ मार गिरायौ॥

तोहय तुरंत कार्तिकेय जी सोरज़िव, यम पल भरस मंज़ तारकासुरस मारि त्रॉव।

12
आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥

तोहय जलंधर दैत्यस संहार कोरव। तोहिन्द यश सारियै जहानस मंज़ मश्हूर।

13
त्रिपुरासुर सन युद्ध मचायौ। सबहीं सुरन तब यश गायौ॥

त्रिपुरासुरस सूं जंग करित तमुंद नाश कोरव, तेलि सारिवय सुरन तोहिन्द जयजयकार कोरु।

14
भागीरथ हिमवान उपाया। शिव पद पंकज शीश नवाया॥

भगीरथस तपस्या सूं गंगा जटव मंज़ थवित ज़मीनस प्यठ वोतराविव; भगीरथन कदमव मंज़ शीश नवाय।

15
दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥

दुनियहक तमाम दानियन मंज़ तोहिन्द ह्युव कोन्ह, अमिय खातर सेवक हमेशा स्तुति करान।

16
वेद माहि महिमा तुम गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥

वेदन मंज़ ति तोहिन्द महिमा गायी गयि। तोहय अनादि छुव, तोहिन्द भेद कांह नी पायी।

17
प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला। जरत सुरासुर भये विहाला॥

समुद्र मंथनस मंज़ येलि ज़हरि निरिक, तेलि देव त दानव सारियै बेहाल गयि।

18
कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकंठ तब नाम कहाई॥

तेलि दया करित सु ज़हर कंठस मंज़ रोकिव, यम सूं तोहिन्द नाव नीलकंठ प्योव।

19
पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥

श्री रामचंद्रन येलि रामेश्वरमस मंज़ पूजा कोर, तेलि लंका जीतित विभीषणस दित।

20
सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तब त्रिपुरारी॥

श्री राम येलि सास कमलव सूं पूजा करान अस, तेलि तोहय तिहुंद भक्तिक इम्तेहान ह्योव।

21
एक कमल प्रभु राखेउ गोई। कमल नयन पूजन चहँ सोई॥

अख कमल छपॉविव, तेलि श्रीरामन पनुन कमल हिश अच्छ ही अर्पण करनस तय्यार गयि।

22
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिये इच्छित वर॥

युथ पक्की भक्ति वुछित शंकर भगवान खुश गयि त फतह हुंद वरदान दितुव।

23
जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सबके घट वासी॥

हे ला-इंतहा, अविनाशी त सारिवय दिलन मंज़ बसन वोल महादेव! तोहिन्द सदा जय जयकार!

24
दुष्ट सकल नित मोहि सतावैं। भ्रमत रहौं मैं चैन न पावैं॥

खराब ख्यालात मे सतावान छि, बुह छुस भटकन त चैन नी मिलान।

25
त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥

हे नाथ! त्राहि-त्राहि करित शरण मंज़ आमूत छुस, यथ संकटस मंज़ मे तारिव।

26
ले त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥

अथस मंज़ त्रिशूल ह्यत दुश्मनन मारिव त मे संकटव मंज़ नेबर कढिव।

27
मात पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥

मौज, बाबु, भाय कांह ति मुश्किल वक्तस मंज़ काम नी यिवान।

28
स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु मम संकट भारी॥

हे मालिक! बस तोहिन्दुक आस छु, यित मेोन भारी संकट दूर करिव।

29
धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे सो फल पाहीं॥

तोहय मिस्कीनन दौलत बख्शान छुव; युस युस मंगान छु तसुय सोय फल मिलान छु।

30
स्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥

बुह बेसमझ किथकन तोहिन्द तारीफ करां? हे नाथ, म्यानि तमाम गलतियन माफ करिव।

31
शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारन विघ्न विनाशन॥

शंकर भगवान संकट नाश करन वोल, भलाई करन वोल त विघ्नहर्ता छु।

32
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥

बड-बड योगी तोहिन्द ध्यान थावान छि; नारद त सरस्वती भी शीश नवाय।

33
नमो नमो जय नमः शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥

ॐ नमः शिवाय मंत्रस बार-बार नमन! ब्रह्मादि देवता भी तोहिन्द पार नी पाय सकान।

34
जो यह पाठ करे मन लाई। तापर होत शंभु सहाई॥

युस दिल लगावित यि पाठ करे, तसुय प्यठ शंभू सदा सहाई रोजन।

35
ऋणिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो होय सुखारी॥

कर्जस मंज़ दबूमुत इंसान येलि पाठ करे त कर्जव मंज़ मुक्त गछित सुखी गछे।

36
पुत्र हीन जो कोई नर होई। सब विधि शंभु कृपा करे सोई॥

बे-औलादस शिवजी सन्द कृपा सूं सोहनी औलाद मिलान छि।

37
पंडित त्रयोदशी को लावै। ध्यान पूर्वक होम करावै॥

तेरस हन्दिस दोह पंडितस सद्दित ध्यान सान हवन कराविव।

38
त्रयोदशी व्रत करै हमेशा। तन नहिं ताके रहै कलेशा॥

युस हमेशा प्रदोष व्रत थावे, तसुन्दिस जिस्मस मंज़ कांह बीमारी नी रोजे।

39
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावै। शंकर संमुख पाठ सुनावै॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावित शिवजी सन्द ब्रोन्हकनि युस यि पाठ करे...

40
जन्म जन्म के पाप नसावै। अंतवास शिवपुर में पावै॥

तसुन्द जनम-जनमक पाप मिटान छि त आखिरस मंज़ शिवलोक मिलान छु।

Doha
नित्त नेम करि प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा। तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥

हे जगदीश! बुह रोज़ सुबहे नेमस सान यि चालीसा परान छुस, तोहय म्यानि तमाम मुरादन पूर करिव।

श्री शिव चालीसा वीडियो | Shiv Chalisa Video in Kashmiri

भगवान शिव सन्द पावन चालीसा हुंद वीडियो अकीदत सान विछिव

श्री शिव चालीसा जाप काउंटर | Shiv Chalisa Jap Counter in Kashmiri

स्क्रीन प्यठ छूयित पनुन शिव चालीसा पाठ या ॐ नमः शिवाय मंत्र जप हुंद गिनती करिव

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संकल्प लक्ष्य:

शिव चालीसा इतिहास त संत अयोध्यादास | Shiv Chalisa History & Sant Ayodhyadas

सनातन रिवायत मुताविक, श्री शिव चालीसा (Shri Shiv Chalisa) १६मी-१७मी सदी हुंद महान शिवभक्त संत श्री अयोध्यादास जी (Sant Shri Ayodhyadas) सन्द लिखमुत छु। यथ Shiv Chalisa History हुंद सबूत गोदनिक दोहस मंज़ मिलान छु: "कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान" त अखिरिक दोहस मंज़ "संवत चौसठ जान, अस्तुति चालीसा शिवहि पूर्ण कीन कल्याण" दितमुत छु।

शिव पुराण (Shiva Purana) प्यठ आधारिल यिह पावन Shiv Chalisa in Kashmiri समुद्र मंथनस मंज़ ज़हर पान, तारकासुर वध खातर कार्तिकेय सन्द पैदा गछुन, भगीरथ सन्द गंगा तपस्या त श्रीराम सन्द रामेश्वरमस मंज़ शिव पूजा हुंद मिठ बयान करान छु।

शिव चालीसा पाठ हुंद नियम त पूजा विधि | Shiv Chalisa Chanting Rules & Vidhi

शास्त्रसम्मत विधि (Shiv Chalisa Vidhi) मुताविक पाठ करने सूं पूर फल मिलान छु।

शुभ वक्त (Auspicious Timings)

सुबहुक ब्रह्म मुहूर्त (४:०० - ६:००) या शामुक प्रदोष काल शिव पूजा खातर बेहतरीन छु।

दिशा त आसन (Direction & Seat)

उत्तर या पूरब पासे मुंह करित बिहिव। साफ ऊनी चटाए प्यठ बिहिव।

पूजा सामग्री (Sacred Offerings)

गावु घ्यो हुंद दीव त अगरबत्ती बालिव। गंगाजल, कचु दुध, बेलपत्र, सफेद गुल चढ़ाविव।

पाठ संख्या त संकल्प (Chanting Count & Sankalpa)

रोज १, ३ या ११ फिर पाठ करिव। मुराद खातर ४० दोह ११ पाठ हुंद संकल्प ह्योव।

शुद्ध उच्चारण (Pronunciation & Devotion)

शांत दिल सान साफ उच्चारण करिव। शिवजी सन्द शांत रूप हुंद ध्यान धरिव।

आरती त क्षमा प्रार्थना (Aarti & Prayer)

पाठा पत शिव आरती या महामृत्युंजय मंत्र परिव त गलतियन खातर माफी मंगिव।

शिव चालीसा पाठ हुंद ११ अलौकिक फायद | Shiv Chalisa Benefits & Significance

अकीदत सान श्री शिव चालीसा हुंद पाठ (Shiv Chalisa Path) करन वालन मिलन वोल ११ रूहानी फायद (Shiv Chalisa Benefits in Kashmiri)

1. मानसिक शांति त तनाव मुक्त

दिमागी तनाव दूर गछित दिलस सुकून मिलान छु।

2. अकाल मौत त हादिसन सूं हिफाज़त

महाकाल सन्द कृपा सूं हादिसन हुंद खौफ खतम गछान छु।

3. शनि त ग्रहदोष निवारण

साढ़ेसाती त राहु हन्दिस दोशन मंज़ यिह महाकवच छु।

4. कर्ज मुक्ति त दौलत बरकत

३५मी चौपाई मुताविक कर्जा सूं नजात त बरकत मिलान छि।

5. दांपत्य सुख त औलाद

प्रदोष व्रत सान पाठ करने सूं नेक औलाद मिलान छि।

6. बीमारियन सूं नजात

भोलेनाथ सन्द कृपा सूं पुरान बीमारी ठीक गछान छि।

7. दुश्मन नाश त नजर-बद सूं बचाव

शिवजी सन्द त्रिशूल तमाम दुष्टन नाश करान छु।

8. इल्म, अक्ल त एकाग्रता

परन वालन बचान हुंद ज़ेहन तेज़ गछान छु।

9. मुरादन पूर गछुन

भोले बाबा भक्तानन्द तमाम जायज़ दुआ कबूल करान छु।

10. गुनाहन माफी

पाठ करने सूं ब्रोंठिम जनमक पाप मिटान छि।

11. मोक्ष त शिवलोक रिहाइश

अखिरस मंज़ संसारी बंधनव सूं आजादी मिलित शिवधाम मिलान छु।

भगवान शिव सन्द १४ अहम पावन धाम त ज्योतिर्लिंग | Famous Shiva Temples & Jyotirlingas

हिंदुस्तानक १४ सारिवय ख्वत जाग्रत शिवतीर्थ (Major Shiva Temples in India)

#मंदिरुक नाव (Temple)जाय (Location)महत्व / स्वरूप
1
सोमनाथ (Somnath)(Somnath Jyotirlinga)
प्रभास पाटन (गुजरात)
गोडन्युक ज्योतिर्लिंग
2
मल्लिकार्जुन (Mallikarjuna)(Mallikarjuna Jyotirlinga)
श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश)
दोयिम ज्योतिर्लिंग व शक्तिपीठ
3
महाकालेश्वर (Mahakaleshwar)(Mahakaleshwar Jyotirlinga)
उज्जैन (मध्य प्रदेश)
दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग
4
ओंकारेश्वर (Omkareshwar)(Omkareshwar Jyotirlinga)
मांधाता टापू (मध्य प्रदेश)
ॐ शक्लुक ज्योतिर्लिंग
5
केदारनाथ (Kedarnath)(Kedarnath Temple)
रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)
हिमालयी ज्योतिर्लिंग
6
भीमाशंकर (Bhimashankar)(Bhimashankar Jyotirlinga)
पुणे (महाराष्ट्र)
भीमा दरियावुक मंबा
7
काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath)(Kashi Vishwanath Temple)
वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
सोनारि मंदिर
8
त्र्यंबकेश्वर (Trimbakeshwar)(Trimbakeshwar Temple)
नासिक (महाराष्ट्र)
त्रिदेव लिंग
9
बैद्यनाथ धाम (Baidyanath Dham)(Baidyanath Jyotirlinga)
देवघर (झारखंड)
मनोकामना लिंग
10
नागेश्वर (Nageshwar)(Nageshwar Jyotirlinga)
द्वारका (गुजरात)
दारुकावन ज्योतिर्लिंग
11
रामेश्वरम (Ramanathaswamy)(Rameshwaram Temple)
रामेश्वरम (तमिलनाडु)
सेतुबंध ज्योतिर्लिंग
12
घृष्णेश्वर (Grishneshwar)(Grishneshwar Temple)
वेरुल (महाराष्ट्र)
१२यिम अखिरिक ज्योतिर्लिंग
13
पशुपतिनाथ (Pashupatinath)(Pashupatinath Temple)
काठमांडू (नेपाल)
अष्टमुखी शिवलिंग (UNESCO)
14
अमरनाथ गुफा (Amarnath Cave)(Amarnath Cave Shrine)
कश्मीर हिमालय
कुदरती शीनुक शिवलिंग

शिव चालीसा प्रश्नोत्तरी | Shiv Chalisa FAQs in Kashmiri

शिव चालीसा पाठ (Shiv Chalisa Recitation) सूं जुड़ियल सवाल